TET से छूट की योजना नहीं, केंद्र ने संसद में दी स्पष्ट जानकारी
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। संसद में दिए गए जवाब में केंद्र ने साफ कहा है कि TET न्यूनतम अनिवार्य योग्यता बनी रहेगी और फिलहाल इससे सामूहिक छूट देने की कोई योजना नहीं है।
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1.86 लाख शिक्षक होंगे प्रभावित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 1.86 लाख शिक्षक सीधे प्रभावित हो सकते हैं। ये वे शिक्षक हैं जिन्होंने 2011 से पहले नियुक्ति पाई थी और शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं किया है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर क्या कहा शिक्षा राज्य मंत्री ने
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंता चौधरी ने अपने लिखित जवाब में बताया कि RTE Act 2009 की धारा 23 के तहत NCTE ने TET को अनिवार्य योग्यता घोषित किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए सरकार ने कहा कि इस नियम में ढील देने का कोई प्रावधान फिलहाल नहीं है।
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शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर इस फैसले से शिक्षकों की बढ़ी चिंता
इस निर्णय के बाद शिक्षकों में चिंता और असमंजस की स्थिति है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अचानक ऐसी अनिवार्यता मानसिक दबाव बढ़ा सकती है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर सरकार का स्पष्ट रुख
सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और भविष्य की पीढ़ियों को बेहतर शिक्षक देने के लिए जरूरी है। केंद्र सरकार ने साफ किया कि TET पास करना अब भी अनिवार्य है।

