Bihar: राज्य कैबिनेट की बैठक में जिन 24 एजेंडों पर मुहर लगी है उनमें मुख्य रूप से बिहार मुख्यमंत्री इंटर्नशिप योजना, मुख्यमंत्री प्रतिभा योजना बिहार 2025 का ऑनलाइन आवेदन, Guru Shishya Parampara Yojana Bihar, बिहार रोजगार योजना युवाओं के लिए, सीतामढ़ी जानकी मंदिर परियोजना, बिहार युवा स्कीम मुख्यमंत्री योजना शामिल है।
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बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि युवाओं का भविष्य, राज्य की संस्कृति और परंपरा उनके लिए केवल नारे नहीं, बल्कि संकल्प हैं। हाल ही में राज्य कैबिनेट की बैठक में जिन 24 एजेंडों पर मुहर लगी, वे बिहार के समग्र विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
मुख्यमंत्री प्रतिभा योजना बिहार 2025: युवाओं को मिलेगा उड़ान का पंख
18 से 28 वर्ष के बीच के एक लाख युवाओं को ₹4,000 से ₹6,000 तक की मासिक इंटर्नशिप राशि देकर ‘मुख्यमंत्री-प्रतिभा योजना’ शुरू की जा रही है। यह योजना उन युवाओं के लिए है जिन्होंने इंटर, ITI, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन किया है लेकिन उन्हें अभी तक कोई रोजगार नहीं मिला। इस योजना के माध्यम से:
- इंटर/ITI/डिप्लोमा पास युवाओं को ₹4,000
- ग्रेजुएट युवाओं को ₹5,000
- पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को ₹6,000 मासिक सहायता दी जाएगी।
- इसके अलावा 12वीं पास युवाओं को ₹3,000 और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को अतिरिक्त ₹1,000 भी मिलेंगे।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: माता जानकी मंदिर के लिए ₹882.87 करोड़
सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए सीतामढ़ी स्थित माता जानकी मंदिर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण हेतु ₹882.87 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी दी गई है।
जनकपुर-सीतामढ़ी धार्मिक कॉरिडोर को विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में यह कदम ऐतिहासिक है। इससे धार्मिक पर्यटन को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
गुरु-शिष्य परंपरा योजना: संस्कृति और शिल्प को मिलेगा संरक्षण
पारंपरिक शिल्पकला, संगीत, लोक नृत्य, चित्रकला और अन्य कलाओं को संरक्षित करने हेतु गुरु-शिष्य परंपरा योजना को भी मंजूरी मिली है। इसके तहत:
- गुरु को ₹15,000
- शिष्य को ₹7,500 प्रति माह
- कार्यस्थल के लिए ₹3,000 प्रति माह की सहायता दी जाएगी।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार पिछले एक महीने में हुईं बड़ी घोषणाएं
- बिहार में एक लाख 22 हजार लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभ देने का निर्णय।
- लगभग ₹1100 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
- दो लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न प्रशिक्षण और रोजगार अवसर।
- शहीद सैनिकों के परिवारों को ₹200 करोड़ की सहायता राशि।
इस तरह की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं हैं, बल्कि युवाओं में आत्मबल बढ़ाने, बेरोजगारी को मात देने और बिहार की सांस्कृतिक अस्मिता को सहेजने का सशक्त माध्यम हैं। यह एक समावेशी और प्रगतिशील बिहार की परिकल्पना को साकार करती है।
नीतीश कुमार की सरकार का यह फैसला (Bihar Government New Schemes 2025) दिखाता है कि एनडीए गठबंधन सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति भी संवेदनशील है। युवा, रोजगार, परंपरा और विकास, इन चारों को जोड़ने वाली यह योजनाएं बिहार को एक नए युग की ओर ले जा रही हैं।
यह है नया बिहार – जहां अवसर भी है, संस्कृति भी है और भविष्य की ठोस योजना भी!
नवनीत आनंद, पॉलिटिकल एनालिस्ट

