बांका बिहार के मंदार पर्वत पर शुरू हुआ भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर निर्माण कार्य
बांका बिहार के ऐतिहासिक मंदार पर्वत पर अब भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के लिए आंध्रप्रदेश से आए 12 शिल्पकार शुक्रवार को मंदिर स्थल पर पहुंचे।
पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना और चरण पूजन के बाद निर्माण कार्य की शुरुआत हुई। मंदार वासियों व मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों द्वारा उनका बड़े हर्ष और श्रद्धा से स्वागत किया; तिलक कर, माला पहनाकर और मंगल वाद्य के साथ उन्हें मंदार पर्वत की चोटी तक आरोहित कराया गया।
छह महीने में होगा काशी विश्वनाथ मंदिर मंदार पर्वत पर पहले चरण का काम पूरा
शिल्पकारों की यह टीम पर्वत के शिखर पर मंदिर का निर्माण दो चरणों में करेगी। पहले चरण में शिल्पकार मंदिर का आधार, गर्भगृह और मूल संरचना तैयार करेंगे, जिसमें करीब छह महीने का समय लगेगा। इसके बाद दूसरे चरण में मंडप, स्तंभ, शिखर और अन्य अलंकरणों का कार्य किया जाएगा।
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मंदार पर्वत पर भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर का रामेश्वरम-तिरुपति शैली में तैयार होगा भव्य परिसर
काशी विश्वनाथ मंदिर के निर्माण कार्य को लेकर अर्जित शाश्वत चौबे ने बताया कि यह परियोजना दो प्रमुख चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मंदिर की मूल संरचना — गोपुरम (मुख्य प्रवेश द्वार), मंडपम (सभा कक्ष), नंदी स्थल और ध्वज स्तंभ का निर्माण किया जाएगा।
इसके बाद दूसरे चरण में मंदिर परिसर को एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें विवाह मंडप, संग्रहालय, वैदिक शिक्षण केंद्र, और प्राकृतिक आध्यात्मिक स्थल सहित कुल 10 प्रमुख मंदिरों व स्थलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
भव्य निर्माण अगम शास्त्र के अनुरूप दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में किया जा रहा है विकसित
इस भव्य निर्माण को अगम शास्त्र के अनुरूप दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में विकसित किया जा रहा है, जिसकी प्रेरणा रामेश्वरम और तिरुपति जैसे प्रतिष्ठित मंदिरों से ली गई है। यह मंदिर परिसर न केवल पूजा स्थल होगा, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र भी बनेगा।
मंदार पर्वत पर भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर के निर्माण से आस्था और पर्यटन दोनों को मिलेगा बल
यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटन के दृष्टिकोण से भी मंदार पर्वत क्षेत्र (बांका जिला) का महत्व और बढ़ेगा। बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इस भव्य निर्माण से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
स्थानीय रोजगार, पर्यटन और सामाजिक विकास को मिलेगी मजबूती
मंदार पर्वत पर काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। यह न केवल आस्था का प्रतीक बनेगा बल्कि स्थानीय रोजगार, पर्यटन और सामाजिक विकास को भी मजबूती देगा।
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38 करोड़ की लागत से होगा मंदार पर्वत पर काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण
मंदार पर्वत पर प्रस्तावित काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 38 करोड़ रुपये की लागत से संपन्न किया जाएगा। यह राशि समर्पण निधि के माध्यम से जुटाई जा रही है। कोषाध्यक्ष राहुल डोकानिया ने बताया कि श्रद्धालुओं और समाजसेवियों के सहयोग से यह पवित्र कार्य पूरा होगा। वरिष्ठ समाजसेवी कौशल सिंह ने मंदिर निर्माण में जनभागीदारी का आह्वान करते हुए इसे धर्म और पर्यटन दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने इस परियोजना का लिया था संकल्प
इस परियोजना का संकल्प पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने पद्मविभूषण जगत्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के मार्गदर्शन में लिया था। मंदिर निर्माण की आधारशिला 10 मार्च 2023 को बिहार के तत्कालीन राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर और जगत्गुरु स्वामी अनंताचार्य की उपस्थिति में भूमि पूजन के साथ रखी गई थी।
इस ऐतिहासिक मौके पर ये हुए शामिल
इस ऐतिहासिक अवसर पर कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें निर्माण समिति के संयोजक डॉ अर्जित शाश्वत चौबे, भाजपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा, देवाशीष कुमार पांडेय, राजा राम अग्रवाल, दिलीप सर्राफ, डॉ. राजेश पोद्दार, सोनू चौधरी, नवनीत साह व अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।
डिजिटल डेस्क

