Operation Sindoor: बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का अड्डा तबाह, इंडियन आर्मी का करारा जवाब

Operation Sindoor: बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का अड्डा तबाह, इंडियन आर्मी का करारा जवाब

इंडियन आर्मी ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर एयर स्ट्राइक की

भारतीय सेना ने एक बार फिर आतंक के गढ़ को उसकी ही धरती पर जवाब (Indian Army Revenge Attack)  दिया है। Operation Sindoor के तहत इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख ट्रेनिंग कैंप (Bahawalpur Jaish Camp) को तबाह कर दिया। यह वही जगह थी जहां से कश्मीर में आतंक फैलाने की साजिशें रची जाती थीं।

अल-रहमत ट्रस्ट के नाम पर चलता था टेरर कैंप ((Bahawalpur Jaish Camp)

यह आतंकी कैंप अल-रहमत ट्रस्ट नामक एक फर्जी चैरिटी संगठन की आड़ में चलाया जा रहा था। असल में इसका मुख्य उद्देश्य जैश के आतंकियों को ट्रेनिंग देना था। यहीं से 2001 के संसद हमले और 2019 के पुलवामा हमले की साजिश रची गई थी।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पहलगाम हमले का लिया गया बदला

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने यह बड़ी कार्रवाई की। रात करीब 2 बजे भारतीय सेना ने पीओके के कोटली, बहावलपुर और मुजफ्फराबाद में 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक (Indian Army Air Strike) की।

बहावलपुर में ब्लैकआउट, पाकिस्तान में दहशत

Air strike के तुरंत बाद बहावलपुर (Bahawalpur Jaish Camp) में टोटल ब्लैकआउट हो गया। स्थानीय अस्पतालों में घायल आतंकियों की भीड़ देखी गई, जबकि लाहौर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित कर दी गई। पाकिस्तान में इस हमले (Air Strike on Pakistan) के बाद भारी दहशत का माहौल है।

मसूद अजहर की वापसी के बाद बढ़ी थी गतिविधियाँ

जैश सरगना मसूद अजहर, जो 2019 में एक हमले के बाद गायब हो गया था, 2024 में फिर से सक्रिय दिखा। तभी से भारत की खुफिया एजेंसियां सतर्क थीं। अंदेशा था कि वह किसी बड़े हमले की योजना बना रहा है, जिसे भारतीय सेना ने समय रहते ध्वस्त कर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) केवल एक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक कड़ा संदेश है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कभी समझौता नहीं करेगा। यह ऑपरेशन (Air Strike on Pakistan) आतंक के खिलाफ भारत के अडिग संकल्प की मिसाल है।

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