प्रधानमंत्री मोदी की ‘वेड इन इंडिया’ पहल से भारत में एनआरआई डेस्टिनेशन शादियों का चलन तेज़, होटल और वेडिंग इंडस्ट्री में रिकॉर्ड ग्रोथ।
‘वेड इन इंडिया’ पहल से एनआरआई और प्रवासी भारतीयों में डेस्टिनेशन शादियों का चलन तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “वेड इन इंडिया” पहल अब केवल एक सांस्कृतिक अपील नहीं, बल्कि भारत के टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और वेडिंग इंडस्ट्री के लिए आर्थिक ग्रोथ इंजन बनती जा रही है। इस पहल के चलते भारत तेजी से ग्लोबल डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में उभर रहा है, खासकर एनआरआई और प्रवासी भारतीयों के बीच।
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भारत क्यों बन रहा है पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन?
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, शाही महल, किफायती लग्ज़री और धार्मिक परंपराएं विदेशी धरती पर पली-बढ़ी भारतीय पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ रही हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में डेस्टिनेशन शादियों की मांग में तेज़ी देखी जा रही है।
होटलों के आंकड़े बता रहे हैं ग्रोथ स्टोरी
रेडिसन ब्लू, ग्रेटर नोएडा में
- 2023-24 में शादियों में 12.3% वृद्धि
- 2024-25 में यह बढ़कर 19.86% तक पहुंच गई
जूना महल होटल के आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं:
- 2023 से 2024 के बीच राजस्व में 114.28% की बढ़ोतरी, शादियों की संख्या में 66.67% की वृद्धि
- 2024 से 2025 के बीच राजस्व में 477.78% की रिकॉर्ड वृद्धि, शादियों की संख्या में 333.33% का उछाल
ये आंकड़े साफ़ दर्शाते हैं कि “वेड इन इंडिया” केवल भावना नहीं, बल्कि मजबूत बिज़नेस मॉडल बन चुका है।
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एनआरआई कपल्स की पहली पसंद बनता भारत
एनआरआई कपल्स अब विदेशों में महंगी और सीमित रस्मों वाली शादियों की जगह भारत में भव्य, पारंपरिक और भावनात्मक समारोह को तरजीह दे रहे हैं। डिजिटल वेडिंग प्लानर्स, वीज़ा-फ्रेंडली नीतियां, इंटरनेशनल फ्लाइट कनेक्टिविटी और ग्लोबल-स्टैंडर्ड होटल सर्विसेज इस ट्रेंड को और मजबूती दे रही हैं।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ
डेस्टिनेशन वेडिंग्स के बढ़ते चलन से इवेंट मैनेजमेंट, कैटरिंग, ट्रैवल, लोकल आर्टिस्ट, फोटोग्राफर और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिल रहा है। यह पहल ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।
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भारत तेजी से ग्लोबल डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में उभर रहा है
“वेड इन इंडिया” पहल भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आर्थिक संभावनाओं का अनूठा संगम है। जिस तरह से एनआरआई और प्रवासी भारतीय भारत की ओर लौटकर अपनी जिंदगी का सबसे खास पल यहीं मनाने लगे हैं, वह आने वाले वर्षों में भारत को दुनिया का सबसे बड़ा डेस्टिनेशन वेडिंग मार्केट बना सकता है।

